भोजपुरी गीतन के आनंद लीं

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मंगलवार, 3 मई 2011

बहुत भइल...अब त जागS माई भारती के ललनवा...


का? का कहतारS तूँ? ओसामा मार देहल गइल? अमेरिका ओकरी घर में घुसी के मरलसि ह? हे भगवान? बतावS न.....इ त अच्छा ना भइल. आपन देस महान बा. अमेरीका से त बहुते महान बा. छमा बीरन के गहना ह. हमनीजान बीरन की गनना में आवेनीजाँ. देखS न, इतिहास गवाह बा.....हमनीजान सदा से अपनी दुस्मन के छमा करत आवतानी जाँ. हाँ भाई, इ आपन मजबूरी नइखे, इ त आपन महानता बा. 26/11 भुला गइल का? का कइलस आपन सरकार? अरे एतने ना, भारत पर केतने आतंकी हमला भइल. पर का कइलसि आपन सरकार? खाली बड़ी-बड़ी बात. अउर हम भारतीयन के ए ही बातन में उलझा के राखि देहलसि.

कब भारत सरकार चेती? कब ओकरा खातिर भारत, भारतीय अउर भारतीयता सर्वोपरि होई? कब भारतीय नेता ओट की राजनीति से ऊपर उठि के भारत की बारे में सोंचिहें? कब? आखिर कब? अरे कसाब की बारे में जवन देस अबहिन निरनय नइखे ले पावत, ओके आपन.(दम)...बना के रखले बा...काहे खातिर...खालि ओट अउर अपनी कुर्सी खातिर. हम भारतीयन के बड़-बड़ बाति क के बहका रहल बा. अंतरास्टी दबाव के बात क रहल बा. बता रहल बा कि इ सब एतना आसान ना होला.

अब भारत के अमेरीका से बहुत कुछ सीखले के ताक बा. बाति कम काम जेयादे कइले के ताक बा. अगर भारतीय-तंत्र से भस्टाचार मिटि जाई ओइ दिने सरकारो में बहुत सक्ति आ जाई अउर हम इ बात सीना ठोंकि के कहतानि की ओई दिन...हाँ ओई दिन.. पाकिस्तान का अगर अमरीका में भी कवनो आतंकवादी, माँ भारती के दुस्मन छुपल रहि त खाली एगो भारतीय सैनिक ओके दउरा के मारी, घिसिरा के मारी, लताड़ि के मारी, पानी पिया-पिया के मारी....एतना मारी...एतना मारी....की सपनो में केहू भारत माई की ओर आँखि उठा के देखले के जुर्रत ना करी. पर एकरा खातिर भस्टाचार मुक्त भारतबनावे के जरूरत बा. पहिले अपना के सुधरले के ताक बा.....अगर हमनीजान, भारतीय तंत्र (सासन-तंत्र) सुधरि गइल त ओई दिन भारते ना पूरा संसार से आतंकवाद जइसन केंसर के सफाया अपनी आपे हो जाई. जय हिंद.

हम त अमरीकी सरकार के सलाम ठोंक रहल बानी जवन आखिरकार अपनी देस की जनता के दुख देवेवाला से बदला लेइए लेहलसि. दउड़ा के मरलसि, ओकरी घर में पदा के मरलसि, खुलेआम मरलसि. सलाम, सलाम, सलाम....अमेरीकी सरकार..तूझे सलाम.

बस अब एतने कहबि....पूरा भारतीयन के कमर कसि लेहले के ताक बा अउर देस की गद्दारन अउर दुस्मनन के छठि के दुध इयादि करा देहले के ताक बा. हमनीजान की रगन में शिवा, परताप, लछमीबाई, भगत सिंह, आजाद, तिलक, हमीद जइसन भारत माई की लालन के रकत दउड़ता.
ना हमनीजाँ हिंदू हईं, ना मुलसमान, ना सिख ना इसाई, हमनीजाँ हईंजाँ भारतवासी अउर माँ भारती आपन माई.

जय हिंद। जय भारत। भारत माता की जय।

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प्रभाकर

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